यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो
जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .
यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो, क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से, मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो
जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .