यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
यदि कोई व्यक्ति आपसे जलता है तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं है बल्कि ये आपकी काबिलियत है जो उसे जलने पर मजबुर कर रही है
यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा
शिक्षा किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो... लेने में संकोच नही करना चाहिए..!!
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
किस ने गिनी हैं साँसे कितनी यह आएंगी ना जाने कौन सी सांसें मेरी मुझे मेरे कृष्णा से मिलाएगी
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये