रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...
हम रिश्तों को और अधिक बेहतरीन बना सकते है अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके कि सामने वाला गलत नही है सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग हैं
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
दुसरो पर P.H.D करने से बेहतर है हम खुद "GRADUATE" हो जाये
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट हो और खुश हो तो आप बहुत अमीर हो
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
खुद को आप इतना बेहतर बनाएं कि जो कल आप थे,वह आज ना रहें...
हम रिश्तों को और अधिक बेहतरीन बना सकते है अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके कि सामने वाला गलत नही है सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग हैं