समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

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गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है

गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

ढुढो सुकून तोह ख़ुद में हे दूसरो में सिर्फ उलझन मिलेगी

हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है