"हुनर" होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी "एड़ियाँ" उठाने से किरदार ऊँचे नही होते..
यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती
ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..
ये वक्त की नजाकत और बदलते दौर की मजबूरी है लड़के को पराठे ? और लड़की को कराटे ? सिखाना बहुत जरूरी है
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..
"हुनर" होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी "एड़ियाँ" उठाने से किरदार ऊँचे नही होते..
यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती
ज़िंदगी आसान नहीं होती इसे आसान बनाना पड़ता हैं..
ये वक्त की नजाकत और बदलते दौर की मजबूरी है लड़के को पराठे ? और लड़की को कराटे ? सिखाना बहुत जरूरी है
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
पंख मिलते ही जो जमीन भूल जाता है वो ज्यादा दिन आकाश में उड़ नही पता है..