आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
किस्मत सिर्फ मेहनत करने से बदलती है बैठ कर सोचते रहने से नहीं
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
जो ना मिले उसकी ही चाहत होती है, जो मिल जाये उसकी कदर कहाँ होती है
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाए तो उन्हें आजाद कर देना चाहिए
किस्मत सिर्फ मेहनत करने से बदलती है बैठ कर सोचते रहने से नहीं
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
अहंकार में डूबे इंसान को न तो खुद की गलतियां दिखाई देती है ना ही दुसरो की अच्छी बातें