अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
अगर तुम्हें किसी काम के लिए खुद से ज्यादा किसी ओर का MOTIVATION चाहिए तो PLEASE भाई वो काम मत करो
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं
मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं
अपनों से बस उतना रूठो कि आपकी बात और सामने वाले की इज्जत बरकरार रहे
अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
अगर तुम्हें किसी काम के लिए खुद से ज्यादा किसी ओर का MOTIVATION चाहिए तो PLEASE भाई वो काम मत करो
यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं
मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं