समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

Share:

More Like This

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।

रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए

हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...

‌अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे

धन से ज्ञान उत्तम है, क्योंकि धन की रक्षा करनी पड़ती है और ज्ञान हमारी रक्षा करता है

कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है

एक बात हमेशा ध्यान रखो कि समय और स्थिति कभी भी बदल सकती है इसलिए कभी भी किसी का अपमान मत करो।

रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए

हमेशा उम्मीद से अधिक करो... सफलता आपके कदम चूमेगी...

‌अगर तुम सच में कुछ करना चाहते हो तो रास्ता निकाल लोगे ,वरना न करने का बहाना निकाल लोगे

धन से ज्ञान उत्तम है, क्योंकि धन की रक्षा करनी पड़ती है और ज्ञान हमारी रक्षा करता है

कुछ भी "कर्म करो" हमेशा एक बात ध्यान रखो की “परमात्मा" Online है