यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।
हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।
लगातार हो रही असफलताओ से निराश नही होना चाहिए क्योक़ि कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है इसलिए स्वयं को अधिक तनावग्रस्त न करें, क्योंकि परिस्थितियां चाहे कितनी भी खराब हों, बदलेंगी जरूर
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।
हर इंसान के अंदर अच्छाई हर इंसान के अंदर अच्छाई ओर बुराई के बीच एक जंग चलती रहती है।
लगातार हो रही असफलताओ से निराश नही होना चाहिए क्योक़ि कभी-कभी गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल देती है।
प्रतिदिन हमें कुछ न कुछ नया ग्रहण करना चाहिए, फिर चाहे वह एक श्लोक, उसका एक अंश अथवा एक शब्द मात्र ही क्यों न हो. एक-एक शब्द ही एक दिन विशाल समुद्र का रूप धारण कर लेता है.
जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है इसलिए स्वयं को अधिक तनावग्रस्त न करें, क्योंकि परिस्थितियां चाहे कितनी भी खराब हों, बदलेंगी जरूर
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है