समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

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यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !

अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग

यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा है तो मंदिर में प्रसाद चढ़ाना पाप है

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा

जीवन मे आपको रोकने-टोकने वाला कोई है तो उसका एहसान मानिए, क्योंकि जिन बागों में माली नही होते, वो बाग जल्दी उजड़ जाते है

वजह तलाश करो अपने हार जाने की, किसी की जीत पर रोने से कुछ नही होगा। अगर जिंदगी में कुछ पाना है तो..... तरीका बदलो इरादा नहीं !

अपनी अमीरी के चर्चे कभी किसी से ना करे क्योंकि आपके सुख से सूखी होने वाले इस दुनिया मे आपके माता-पिता के अतरिक्त कोई तीसरा नही होग