समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

Share:

More Like This

शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं

"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"

"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा

हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है

भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है

शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं

"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"

"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा

हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है

भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना

हम दिए को तो फूक मार के भुझा सकते है मगर अगरबत्ती को नही क्योंकि जो महकता है उसे कोन भुझा सकता है और जो जलता है वो तो खुद ही भुझ जाता है