समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

Share:

More Like This

कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..

खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है

विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है. (इसलिए शक्तिशाली न होते हुए भी शक्तिशाली होने का दिखावा करना आपकी रक्षा करता है.)

कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..

सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।

कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..

खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए

लोगो के पास बहुत कुछ है मगर मुश्किल यह है की भरोसे ओर शक है और अपने शक पर भरोसा है

विषहीन सर्प को भी अपनी रक्षा के लिए फन फैलाना पड़ता है. (इसलिए शक्तिशाली न होते हुए भी शक्तिशाली होने का दिखावा करना आपकी रक्षा करता है.)