समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

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नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.

अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!

हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है

तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।

नेत्र केवल हमे दृष्टि प्रदान करते है परंतु हम कब.. किसमे क्या देखते है ये हमारी भावनाओ पर निर्भर करता है।

ईश्वर की महिमा की थाह कोई नहीं पा सकता. वह पल भर में राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है. धनी को निर्धन और निर्धन को धनी करना उसके लिए सहज है.

अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में साबुन का काम करती है !!

हमारा 'व्यवहार' कई बार हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा' साबित होता है। क्योंकि जीवन में जब 'विषम' परिस्थितियां आती हैं तब ज्ञान 'हार' सकता है परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा 'जीत' होने की 'संभावना' रहती है

तकदीर बदल जाती है जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो, वरना उम्र कट जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते

भाग्य बदल जाता है जब इरादे मजबूत हो वरना जीवन बीत जाता है किस्मत को दोष देने में।