लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं
लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं
समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया
माफी मांगने का मतलब यह नहीं है कि हम गलत है या सामने वाला सही है....इसका मतलब है कि हम रिश्तों को अपने अंहकार से ज्यादा महत्व देते हैं