तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..
तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
अगर खुद का मूल्य पता लग जाए, तो दूसरों द्वारा की गई अनावश्यक निंदा, तुम्हे छू भी नही सकती..