बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
जहा बदलना जरूरी हो जाता है, वहां बदलना सीखिए
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो जिसे तुम पाना चाहते हो.. उस पर नही जिसे तुम खो चुके हो
गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करे क्योकिं सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी
बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
जहा बदलना जरूरी हो जाता है, वहां बदलना सीखिए
दुनिया मे अधिक गम है उन सबको देखते हुए आपका बहुत कम है
अपनी नजर हमेशा उस चीज पर रखो जिसे तुम पाना चाहते हो.. उस पर नही जिसे तुम खो चुके हो
गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करे क्योकिं सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी