"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए
अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।
"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
'इरादे' इतने कमजोर नही होने चाहिए की लोगो की बातों में आकर टूट जाए
अगर ज़िन्दगी में कामयाब होना चाहते हो…तो बोलने से ज़्यादा सुनने की आदत डालो…!!
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।