आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!
सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!
सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए ही होता है..
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
कहते है कि औरत की उम्र और पुरुष की कमाई कभी नही पूछनी चाहिए उसका अच्छा सा कारण यह है कि औरत कभी अपने लिए नही जीती और पुरुष कभी अपने लिए नही कमाता..