कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
कभी भी अपने अतीत, धन, नकारात्मकता और अन्य लोगो के CONTROL में न रहे
इच्छा पूरी ना हो तो क्रोध बढ़ता है अगर इच्छा पूरी हो तो लोभ बढ़ता है जीवन मे इसलिए हर एक इस्थिति में धैर्य बनाये रखना ही श्रेष्ठता है।
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
माँ बाप के साथ आपका सुलूक। वो कहानी है..... जिसे आप लिखते हैं.. .... और आपकी संतान आपको पढ़कर सुनाती है...।
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।