सुख मै सो मिले दुःख में मिले न एक साथ कष्ट में रहे वही मित्र है नेक

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नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी अपनी तुलना दूसरो से करना

विद्या निरंतरता से अक्षुण्ण बनी रहती है. आलस्य से उसका लोप हो जाता है. धन यदि दूसरे के पास है तो अपना होने पर भी वह जरूरत पड़ने पर काम नहीं आता है. खेत में बिज न पड़े तो वह बंजर हो जाता है, उसी प्रकार कुशल सेनापति के अभाव में चतुरंगिणी सेना भी नष्ट हो जाती है.

जिंदगी में समस्या तो हर दिन नई खड़ी है, जीत जाते है वो जिनकी सोच कुछ बड़ी है आओ...आज मुश्किलों को हराते हैं चलो, आज दिन भर मुस्कुराते हैं..!!

किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा

नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।

पिता, माता अग्नि, आत्मा और गुरु – मनुष्य को इन पांच अग्नियों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।

इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी अपनी तुलना दूसरो से करना

विद्या निरंतरता से अक्षुण्ण बनी रहती है. आलस्य से उसका लोप हो जाता है. धन यदि दूसरे के पास है तो अपना होने पर भी वह जरूरत पड़ने पर काम नहीं आता है. खेत में बिज न पड़े तो वह बंजर हो जाता है, उसी प्रकार कुशल सेनापति के अभाव में चतुरंगिणी सेना भी नष्ट हो जाती है.

जिंदगी में समस्या तो हर दिन नई खड़ी है, जीत जाते है वो जिनकी सोच कुछ बड़ी है आओ...आज मुश्किलों को हराते हैं चलो, आज दिन भर मुस्कुराते हैं..!!

किसी भी व्यक्ति को ज्यादा सुधारना चाहोगे तो वो आपका दुश्मन बन जायेगा