तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।
तो क्या हुआ जो पहली बार में सफलता नहीं मिली, वैसे तो ईश्वर आज तक भी नहीं मिला, लेकिन क्या हमने पूजा करना छोड़ दिया
याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
“भागते रहो अपने लक्ष्य के पीछे, क्यूंकि आज नहीं तो और कभी, करेंगे लोग गौर कभी, लगे रहो बस रुकना मत, आयेगा तुम्हारा दौर कभी।”
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
जो व्यक्ति अपने समय का सम्मान करता है, वो अपने जीवन के सारे लक्ष्य प्राप्त करता है।