” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं
” जिस इंसान ने कभी ग़लती नहीं की उसने.. कभी कुछ नया करने की कोशिश ही नहीं की।“
शब्द यात्रा करते हैं... इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें
जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं...
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
उम्मीद कभी न छोड़े, यही वह पथ है, जो जीवन भर आपको गतिशील बनाकर रखता है
किरण चाहे सूरज की हो या आशा की जीवन के सभी अंधकार को मिटा देती हैं