सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।
बक्श देता है खुदा उनको, जिनकी किस्मत खराब होती है…..वो हरगिज़ नहीं बक्शे जाएंगे जिनकी नियत खराब होती है |
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं
सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
सच्चा ज्ञान वही है जो स्वाभिमान और घमंड में अंतर करना सिखाये
सत्य कड़वा नहीं होता (जनाब,) तुम सिर्फ झूठ के स्वाद से वाकिफ़ हो।
बक्श देता है खुदा उनको, जिनकी किस्मत खराब होती है…..वो हरगिज़ नहीं बक्शे जाएंगे जिनकी नियत खराब होती है |
दौलत सिर्फ रहन-सहन का तरीका बदल सकती है; बुद्धि नियत और तकदीर नहीं