ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है
किसी को डर है कि भगवान देख रहा है किसी को भरोसा है कि भगवान देख रहा है
सफल होने के बाद भी आप खुद को उस व्यक्ति से बड़ा ना समझे जिसके हाथों को पकड़ कर आपने सफलता की सीढ़ी चढ़ी
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
जीत की आदत अच्छी है, मगर कुछ रिश्तो में हार जाना बेहतर है
किसी को डर है कि भगवान देख रहा है किसी को भरोसा है कि भगवान देख रहा है
सफल होने के बाद भी आप खुद को उस व्यक्ति से बड़ा ना समझे जिसके हाथों को पकड़ कर आपने सफलता की सीढ़ी चढ़ी
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं की भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है। अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता
इतनी जल्दी दुनिया की कोई चीज नही बदलती... जितनी जल्दी इंसान की नियत और नजरे बदल जाती है..