समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़
मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़
मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।
खुश रहकर गुजारो, तो, मस्त है जिदंगी,.. दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब है जिंदगी, दिखावे में गुजारो, तो बर्बाद है जिदंगी, मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिदंगी, जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी!!
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है