एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो.. ईरादे नही
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं
खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।