दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे
दिल में बुराई रखने से बेहतर है, की नाराजगी जाहिर कर दो
लोग क्या कहेंगे अगर ये सोच के आप कुछ नही कर रहे है। तो आप जीवन की पहली परीक्षा में हार गए"
. जितना ज्यादा दूर से देखोगे लोग उतने ज्यादा अच्छे लगेंगे
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
अभिमान मत करो कि मुझे किसी की ज़रूरत नही आत्मनिर्भर बनो की में कर सकता हु हर चीज़ पर वहम भी नही की मेरे बिना कुछ हो नही सकता
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे