सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है
बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
सलाह हारे हुए कि, तजुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को कभी हारने नही देता।
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
किसी को परेशान देखकर अगर हमें तकलीफ होती हैं तो यकीन मानिए ईश्वर ने हमें इंसान बनाकर कोई गलती नहीं की है
बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये