निंदा से घबराकर लक्ष्य को मत छोड़े क्योंकि निंदा करने वालों की राय लक्ष्य मिलते ही बदल जाती है

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सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।

जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो

उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.

सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है,जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।

जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो

उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे

तब तक कमाओ जब तक महँगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे चाहे वो सम्मान हो या सामान..

किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.

जो बुरे वक्त में आपकी कमियां गिनाने लग जाए उससे बड़ा मतलबी इंसान कोई नही है.