कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है
कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.
मुमकिन नहीं.., हर "वक्त" मेहरबां रहे जिंदगी! कुछ "लम्हें" .. जीने का तजुर्बा भी सिखाते है.
इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है