बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"
"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है !!
वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है
यदि तुम अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से नही जिओगे, तो लोग अपने तरीके तुम पर लाद देंगे
पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
...किसी ने क्या खूब लिखा है "वक़्त" निकालकर "बाते" कर लिया करो "अपनों से" अगर "अपने ही" न रहेंगे तो "वक़्त" का क्या करोगे....!"
"बदलना" ख़राब नहीं हैं , ख़राब हैं बदल कर , पहले से "बदतर" हो जाना