तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।

तुम अयोग्य या बदसूरत नहीं हो तुम्हारे पास सिर्फ पैसे या पद की कमी है।

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टूटी कलम और दूसरो से जलन कभी खुद का भाग्य लिखने नही देती

निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का

बुरा समय आपको ज़िन्दगी के उन सभी सच से सामना करवाता है जिनका आपको अच्छे समय मे कभी ख्याल नही होता

अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.

मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!

टूटी कलम और दूसरो से जलन कभी खुद का भाग्य लिखने नही देती

निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का

बुरा समय आपको ज़िन्दगी के उन सभी सच से सामना करवाता है जिनका आपको अच्छे समय मे कभी ख्याल नही होता

अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.

मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।

सिर्फ उतना ही विनम्र बनो जितना जरुरी हो............ बेवजह विनम्रता दूसरों के अहम को बढ़ावा देती है!!