यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया
लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया
लोग आपकी कदर तभी करेंगे जब आप उनको उन्ही की तरह अनदेखा करना सीख जाओगे
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
जीवन में छोटे, बड़े सब को महत्त्व दो क्योंकि जहाँ सुई का काम है, वहाँ तलवार काम नहीं करती