कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
यदि कोई व्यक्ति आपको नीचे गिराने के लिए मजबूती से खड़ा है, तो उन्हें दिखाए की आप उठने के लिए उससे दुगनी मजबूती से खड़े है
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
नसीहत वो सच्चाई है, जिसे हम कभी ध्यान से नही सुनते। और तारीफ वो धोखा है, जिसे हम हमेशा ध्यान से सुनते हैं।
जहाँ दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना ही बेहतर होता है
यदि कोई व्यक्ति आपको नीचे गिराने के लिए मजबूती से खड़ा है, तो उन्हें दिखाए की आप उठने के लिए उससे दुगनी मजबूती से खड़े है