नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..

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समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है

बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे

समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया

वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है

अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते हो तो लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है

बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे