मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!
मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।
दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुःखी ही रहोगे..सुख पर ध्यान दोगे तो सुखी रहोगे जिस चीज पर तुम ध्यान दोगे वह सक्रिय हो जाती है.. ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है
"आनंद" ही एक ऐसी वस्तु है जो आपके पास न होने पर भी आप दूसरों को बिना किसी असुविधा के दे सकते है
मनुष्य को हमेशा यह नही सोचना चाहिए की वो अपने जीवन में कितना खुश है, बल्कि यह सोचना चाहिये की उस मनुष्य की वजह से दूसरे कितने खुश हैं
दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाती है, एक कामयाबी ही है जो ठोकर लगने से मिलती है
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!!