अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।
नम्रता से बोलना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफ़ी माँगना ये चार गुण जिस व्यक्ति के पास है वो सबके क़रीब और सबके लिए खास है
तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं
अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।
नम्रता से बोलना हर एक का आदर करना शुक्रिया अदा करना और माफ़ी माँगना ये चार गुण जिस व्यक्ति के पास है वो सबके क़रीब और सबके लिए खास है
तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
हुनर होगा तो दुनिया खुद कदर करेगी एडियाँ उठाने से किरदार ऊँचे नही होते
हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं