"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए
"व्यक्ति को मारा जा सकता है किन्तु विचारों को नहीं"
एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
खुद से जितना दुनिया की सबसे बड़ी जीत है
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं मरम्मत कीजिए