किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
जब तक जीवन है तब तक सीखते रहो, क्योंकि अनुभव ही सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है
भाग्य पुरुषार्थी के पीछे चलता है।
कामयाबी का इंतजार करने से बेहतर है, उसके लिए कोशिश की जाए