|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥