ॐ नमः शिवाय॥

ॐ नमः शिवाय॥

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मन, वचन और कर्म से मनुष्य जिस विषय का बार – बार ध्यान करता है, वही उसे अपनी और आकर्षित कर लेता है, अत: सदैव अच्छे कर्म ही करने चाहिए।

महसूस करके देखा महादेव हर पल मेरे साथ हैं दिखते नहीं कहीं पर सर पर उन्हीं का हाथ हैं

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।

लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है

मन, वचन और कर्म से मनुष्य जिस विषय का बार – बार ध्यान करता है, वही उसे अपनी और आकर्षित कर लेता है, अत: सदैव अच्छे कर्म ही करने चाहिए।

महसूस करके देखा महादेव हर पल मेरे साथ हैं दिखते नहीं कहीं पर सर पर उन्हीं का हाथ हैं

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।

लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है