जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

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मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

आ बैठ मेरे मालिक आज बटवारा कर ही लें, सारी दुनिया तेरी और सिर्फ तूं मेरा |

गणपती बाप्पा मोरया

॥ जय माता दी ॥

मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

आ बैठ मेरे मालिक आज बटवारा कर ही लें, सारी दुनिया तेरी और सिर्फ तूं मेरा |

गणपती बाप्पा मोरया

॥ जय माता दी ॥