ॐ नमः शिवाय॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से
ॐ नमः शिवाय॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से