॥ जय माँ शक्ति ॥
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं
नहाए धोए से हरी मिले तो मै नहाऊं सौ बार हरि तो मिले निर्मल हृदय से प्यारे मन का मैल उतार |
प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!
॥ जय माँ शक्ति ॥
सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं
नहाए धोए से हरी मिले तो मै नहाऊं सौ बार हरि तो मिले निर्मल हृदय से प्यारे मन का मैल उतार |
प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!