जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

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|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

नादान हूँ नादानियाँ कर जाता हूँ दुनियाँ के चक्कर में तुझे भूल जाता हूँ तेरा बडप्पन की तू सम्भाल लेता है मेरे गिरने से पहले तू थाम लेता है

शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से

प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!

दे दो बस एक ही वरदान, आपके भगत से न हो पाये कभी कोई बुरा काम हर हर महादेव |

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||

|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

नादान हूँ नादानियाँ कर जाता हूँ दुनियाँ के चक्कर में तुझे भूल जाता हूँ तेरा बडप्पन की तू सम्भाल लेता है मेरे गिरने से पहले तू थाम लेता है

शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से

प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!

दे दो बस एक ही वरदान, आपके भगत से न हो पाये कभी कोई बुरा काम हर हर महादेव |

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||