जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

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कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!

जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता

ॐ नमः शिवाय॥

शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से

|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में

कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!

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ॐ नमः शिवाय॥

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|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में