॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

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मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता

कौन कहता है तेरे दर से मांगने वाला गरीब होता है जो तेरे दर तक पहुच जाय वो सबसे बड़ा खुशनसीब होता है

माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।

श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||

मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता

कौन कहता है तेरे दर से मांगने वाला गरीब होता है जो तेरे दर तक पहुच जाय वो सबसे बड़ा खुशनसीब होता है

माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।

श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||