सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥
॥ शुभ नवरात्री ॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥
॥ शुभ नवरात्री ॥