न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
नैन खुले तो दर्शन हो होठ खुले तो कीर्तन हो | याद रखु सतगुरु तेरे नाम को मन भटके तो सुमिरन हो ||
॥ शुभ नवरात्री ॥
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
नैन खुले तो दर्शन हो होठ खुले तो कीर्तन हो | याद रखु सतगुरु तेरे नाम को मन भटके तो सुमिरन हो ||
॥ शुभ नवरात्री ॥
गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥