अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं
कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं
कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।