कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है भगवान सिर्फ लकीरें देता है रंग हमें ही भरना है | जय श्री कृष्णा
धर्म की सबसे सरल व्याख्या किसी भी आत्मा को हमारी वजह से दुःख ना पहुँचे यही धर्म है.
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
❤जय श्री राधे कृष्ण❤
कर्म भूमि की दुनिया में श्रम सभी को करना है भगवान सिर्फ लकीरें देता है रंग हमें ही भरना है | जय श्री कृष्णा
धर्म की सबसे सरल व्याख्या किसी भी आत्मा को हमारी वजह से दुःख ना पहुँचे यही धर्म है.
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
❤जय श्री राधे कृष्ण❤