काल भी तुम और महाकाल भी तुम लोक भी तुम और त्रिलोक भी तुम शिव भी तुम और सत्यम भी तुम |

काल भी तुम और महाकाल भी तुम लोक भी तुम और त्रिलोक भी तुम शिव भी तुम और सत्यम भी तुम |

Share:

More Like This

जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"

कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||

"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"

मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

"दिल की गहराईयों से की गई सच्ची अरदास, तकदीर को भी बदलने की शक्ति रखती है।"

मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।

जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"

कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||

"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"

मैं हर रूप में तुम्हारी मदद के लिए आता हूँ ; मुझे ढूंढो मत केवल पहचानो |

"दिल की गहराईयों से की गई सच्ची अरदास, तकदीर को भी बदलने की शक्ति रखती है।"

मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।