छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
॥ जय माँ शक्ति ॥
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।
छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
॥ जय माँ शक्ति ॥
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।