काल भी तुम और महाकाल भी तुम लोक भी तुम और त्रिलोक भी तुम शिव भी तुम और सत्यम भी तुम |

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जय श्री राधा सनेह बिहारी जी ॥

॥ शुभ नवरात्री ॥

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में

अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||

जय श्री राधा सनेह बिहारी जी ॥

॥ शुभ नवरात्री ॥

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में

अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||