नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
उदास नहीं होना, क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !
जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है
॥ जय माँ शक्ति ॥
नैन खुले तो दर्शन हो होठ खुले तो कीर्तन हो | याद रखु सतगुरु तेरे नाम को मन भटके तो सुमिरन हो ||
प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
उदास नहीं होना, क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !
जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है
॥ जय माँ शक्ति ॥
नैन खुले तो दर्शन हो होठ खुले तो कीर्तन हो | याद रखु सतगुरु तेरे नाम को मन भटके तो सुमिरन हो ||
प्रेम अगर करना ही है तो, मेरे "कन्हा" से करो जिसके विरह में रोने से भी तुम्हारा उद्धार हो जाएगा !!