मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
॥ जय माता दी ॥
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
॥ जय माता दी ॥
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||