जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||
मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।
कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
॥ जय अम्बे गौरी ॥
जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||
मनुष्य अकेला पाप करता है और बहुत से लोग उसका आनंद उठाते हैं। आनंद उठाने वाले तो बच जाते हैं; पर पाप करने वाला दोष का भागी होता है।
कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
॥ जय अम्बे गौरी ॥