जो जग को ना भाया उसे तूने अपनाया, किस चीज़ की लालच देंगे वो हमको जब तू ही मेरा मोह तू ही मेरी माया |
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे
हीरा बनाया है ईश्वर ने हर किसी को, पर चमकता तो वही है जो तराशने की हद से गुजरता है. सतनाम श्री वाहेगुरु |
जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
जो जग को ना भाया उसे तूने अपनाया, किस चीज़ की लालच देंगे वो हमको जब तू ही मेरा मोह तू ही मेरी माया |
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे
हीरा बनाया है ईश्वर ने हर किसी को, पर चमकता तो वही है जो तराशने की हद से गुजरता है. सतनाम श्री वाहेगुरु |
जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!