॥ जय माँ शक्ति ॥
स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
॥ जय माँ शक्ति ॥
स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥