सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
॥ जय अम्बे गौरी ॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
॥ जय अम्बे गौरी ॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!