॥ जय माँ शक्ति ॥
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
॥ जय माँ शक्ति ॥
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.