स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा

स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा

Share:

More Like This

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||

उदास नहीं होना, क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !

छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी

जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे, वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||

उदास नहीं होना, क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !

छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी

जय माँ वैष्णो देवी..पहाडा वाली..ज्योता वाली॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.