छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी

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देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे

शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है

अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।

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जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

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अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं

ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।