जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.
गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
खामोशियाँ बोल देती हैं जिनकी बाते नहीं होती, इश्क़ वो भी करते हैं जिनकी मुलाक़ाते नहीं होती
किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद
जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.
गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
खामोशियाँ बोल देती हैं जिनकी बाते नहीं होती, इश्क़ वो भी करते हैं जिनकी मुलाक़ाते नहीं होती
किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद