फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था
तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
एक दिन तुम्हे एहसास होगा कि क्या था मैं तुम्हारे लिए ! पर तब तक मैं तुम्हारी ज़िन्दगी से बहुत दूर जा चुका हूँगा
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं
फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था
तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
एक दिन तुम्हे एहसास होगा कि क्या था मैं तुम्हारे लिए ! पर तब तक मैं तुम्हारी ज़िन्दगी से बहुत दूर जा चुका हूँगा
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं