आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…