मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुनकर, तेरा नाम से इतनी मोहब्बत ही तो सोच तुझसे कितनी होगी

मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुनकर, तेरा नाम से इतनी मोहब्बत ही तो सोच तुझसे कितनी होगी

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फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था

उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु

मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....

फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था

उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु

मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....