हम तो मोहबत के नाम से भी अनजान थे, एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया

हम तो मोहबत के नाम से भी अनजान थे, एक शख्स की चाहत ने पागल बना दिया

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मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

जिंदगी में मेरी हंसी का राज तुम हो. मेरी हर ख़ुशी का नाम तुम हो. कर लूंगा में ज़माने से तुम्हारे लिए शिकवा. ज़माने की शिकवा का एहसास तुम हो

बस तुम रूठा मत करो कभी मुझसे, क्यू की सुना है जान रूठ जाए तो कोई जी नहीं पता |

नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे! बड़ी दुआओं से पाया है तुझे! तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे! किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

जिंदगी में मेरी हंसी का राज तुम हो. मेरी हर ख़ुशी का नाम तुम हो. कर लूंगा में ज़माने से तुम्हारे लिए शिकवा. ज़माने की शिकवा का एहसास तुम हो

बस तुम रूठा मत करो कभी मुझसे, क्यू की सुना है जान रूठ जाए तो कोई जी नहीं पता |

नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??