*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

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कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी

कभी-कभी किसी से ऐसा रिश्ता भी बन जाता हैं...कि हर चीज से पहले उसी का ख्याल आता है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है

ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी