काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !
मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुनकर, तेरा नाम से इतनी मोहब्बत ही तो सोच तुझसे कितनी होगी
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !
मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुनकर, तेरा नाम से इतनी मोहब्बत ही तो सोच तुझसे कितनी होगी
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .