आँधी तूफान से वो डरते है, जिनके मन में प्राण बसते है । वो मौत देखकर भी हँसते है, जिनके मन में महाकाल बसते है ?Har Har Mahadev?

आँधी तूफान से वो डरते है, जिनके मन में प्राण बसते है । वो मौत देखकर भी हँसते है, जिनके मन में महाकाल बसते है ?Har Har Mahadev?

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जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।

सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल

मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?

अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।

सारा जहाँ है जिसकी शरण में नमन है उस शिव जी के चरण में बने उस शिवजी के चरणों की धुल आओ मिल कर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल

मौत का डर उनको लगता है, जिनके कर्मों मे दाग है । हम तो महाकाल के भक्त है, हमारे तो खून में ही आग है । ?Jai Shree Mahakal?

अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा