शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।
विश्व का कण कण शिव मय हो अब हर शक्ति का अवतार उठे जल थल और अम्बर से फिर बम बम भोले की जय जयकार उठे
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?
पैसा नही है मेरी जेब मे सिर्फ महाकाल की तस्वीर है। सुबह शाम उसे देखता हूँ क्योंकि वो ही मेरी तकदीर है।।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
शिव की ज्योति से नूर मिलता है, सबके दिलों को सुरुर मिलता है, जो भी जाता है भोले के द्वार उसको कुछ न कुछ जरूर मिलता है ।
विश्व का कण कण शिव मय हो अब हर शक्ति का अवतार उठे जल थल और अम्बर से फिर बम बम भोले की जय जयकार उठे
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?
पैसा नही है मेरी जेब मे सिर्फ महाकाल की तस्वीर है। सुबह शाम उसे देखता हूँ क्योंकि वो ही मेरी तकदीर है।।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर