अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल