एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?
एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!
यह कलयुग है यहाँ ताज अच्छाई को नही बुराई को मिलता है, लेकिन हम तो बाबा महाकाल के दीवाने है , ताज के नही रुद्राक्ष के दीवाने है.
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
नशा उनके भक्ति की अनंतकाल तक होगी, मोहब्बत अब हमें अपने महाकाल से होगी
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?