मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी

मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी

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एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....

जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.

एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...

ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....

जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.