रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है

रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है

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जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं

तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे

जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं

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तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे