उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
एक तरफा ही सही प्यार तो प्यार है, उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है.
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
खूबसूरती तेरी लोगो को दीवाना बनती हैं, धुप में मानो ठंडक दे जाती हैं, सलामत रहे तेरे होंठो पर हंसी, क्युकी ये हंसी ही तुझको चाँद की तरह खिला जाती हैं
उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती .
एक तरफा ही सही प्यार तो प्यार है, उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है.
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
खूबसूरती तेरी लोगो को दीवाना बनती हैं, धुप में मानो ठंडक दे जाती हैं, सलामत रहे तेरे होंठो पर हंसी, क्युकी ये हंसी ही तुझको चाँद की तरह खिला जाती हैं