ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए
जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |
खामोशियाँ बोल देती हैं जिनकी बाते नहीं होती, इश्क़ वो भी करते हैं जिनकी मुलाक़ाते नहीं होती
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए
जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |
खामोशियाँ बोल देती हैं जिनकी बाते नहीं होती, इश्क़ वो भी करते हैं जिनकी मुलाक़ाते नहीं होती
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है