कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई

कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई

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क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की, शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की

तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .

ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...

तू मिले या न मिले ये तो मुक़द्दर की बात है मगर सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोच कर

तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !

क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की, शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की

तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .

ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...

तू मिले या न मिले ये तो मुक़द्दर की बात है मगर सुकून बहुत मिलता है तुझे अपना सोच कर

तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !