उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती
सो जाया करो जल्दी कभी – कभी, ख्वाबो को तुम्हारा इंतज़ार रहता है
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं हे, ये दिल उसका हे , अपना होता तो बात और होती
सो जाया करो जल्दी कभी – कभी, ख्वाबो को तुम्हारा इंतज़ार रहता है
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!
ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!