हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है
तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है
तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤