बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…